सरकार यूपीआई (UPI) और अन्य डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। इससे व्यावसायिक भुगतानों पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
- प्रस्तावित शुल्क: ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट/बिजनेस भुगतानों पर 0.25% से 0.4% तक फीस लगाई जा सकती है।
- आम जनता को राहत: यह शुल्क केवल मर्चेंट (बिजनेस) ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। आम लोगों के बीच होने वाले व्यक्तिगत ट्रांसफर (Person-to-Person) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
- विधेयक में संशोधन: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल के तहत बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर लगा यह प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव रखा है।
- लागू होने की स्थिति: सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इसे कब और कैसे लागू किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।

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