कोरबा। जिला स्वास्थ्य विभाग के सशक्त प्रयासों से कोरबा में क्षयरोग (टीबी) नियंत्रण अभियान के बेहद उत्साहजनक और सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियानों, त्वरित जांच सुविधाओं, डिजिटल मॉनिटरिंग और पोषण सहायता योजनाओं के बेहतर तालमेल ने इस बीमारी के खिलाफ जंग को एक नई दिशा दी है। विभाग की इसी निरंतर सक्रियता का नतीजा है कि आज जिले में टीबी मरीजों के स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) में सुधार दर्ज किया जा रहा है और समय पर इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाना बेहद आसान हो ग
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए बहुस्तरीय स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभाग की टीमों, एएनएम और मितानिनों द्वारा जिले के दूरस्थ अंचलों, ग्रामीण इलाकों और शहरी स्लम बस्तियों में सघन घर-घर खोज अभियान चलाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है।

जिला अस्पताल और प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित अत्याधुनिक मशीनों के जरिए टीबी की सटीक जांच कर तुरंत निशुल्क इलाज शुरू कर दिया जाता है। इसके साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत पंजीकृत सभी मरीजों को बेहतर खान-पान के लिए प्रतिमाह पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।
इन तमाम संगठित पहलों का असर अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।लगातार काउंसलिंग और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के फॉलो-अप के कारण बीच में दवा छोड़ने वाले मरीजों की संख्या न के बराबर रह गई है, जिससे गंभीर व जटिल टीबी के मामलों में भारी गिरावट आई है। इसके अलावा, व्यापक जन-जागरूकता अभियानों के कारण समाज में टीबी को लेकर व्याप्त झिझक खत्म हो रही है और लोग लक्षण दिखते ही खुद आगे आकर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क जांच करवा रहे हैं।



No Comment! Be the first one.