कोरबा। SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री देवांगन ने कहा कि SECL द्वारा जमीन अधिग्रहण किया जाता है, लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए बसाहट और रोजगार की व्यवस्था करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यह रवैया उचित नहीं है और प्रबंधन को इसमें सुधार की जरूरत है।
भू-विस्थापितों को हर महीने ₹5 हजार किराए का विकल्प
मंत्री ने कहा कि जब तक भू-विस्थापित परिवारों को पुनर्वास के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक उन्हें प्रतिमाह 5 हजार रुपये किराया देने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें उचित समय पर मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा मिलनी चाहिए।
SECL अधिकारियों को चेतावनी
उद्योग मंत्री ने SECL अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अव्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में नियमों का पालन करते हुए रोजगार, मुआवजा और बसाहट की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मंत्री देवांगन के इस बयान के बाद SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली और भू-विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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